हनुमानासन एक मध्यम श्रेणी का योग आसन है। इस आसन में हम अपने शरीर को एक […]
आज हर मानव मानसिक व शारीरिक समस्याओं से जूझ रहा है। जिसके कारण वह गंभीर बीमारियों […]
क्रोध हमारी एक भावना है। जिससे हमारी हृदय की गति व हमारा रक्त चाप बढ़ता है। […]
बालासन यानि शिशु आसन है। इस आसन में हम अपने शरीर को एक शिशु की भांति […]
तंत्र शब्द का अर्थ- एक व्यवस्था है। तंत्र योग के अनुसार हमारा शरीर एक व्यवस्था है। […]
भक्ति योग यानि निष्काम के भाव से आत्मसमर्पण करना है। भक्ति और योग शब्द संस्कृत भाषा […]
ज्ञान योग यानि स्वयं के बारे में जानकारी प्राप्त करना ही ज्ञान योग है। इसे आप […]
कर्म योग का अर्थ है यानि अपने कर्म में लीन होना है। कर्मयोग के माध्यम से […]
जिस प्रकार गणित में योग शब्द का प्रयोग जोड़ने के लिए किया जाता है, ठीक उसी […]
जब कोई व्यक्ति अपने मन-मस्तिष्क की शांति के लिए अपने मन को स्थिर कर भटकने से […]