हनुमानासन एक मध्यम श्रेणी का योग आसन है। इस आसन में हम अपने शरीर को एक वानर की तरह मोड़ने का प्रयास करते हैं। इसलिए इस आसन को हनुमानासन यानि Monkey Pose कहा जाता है। यह आसन हमारे कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत और हमारे जांघों व पैरो को लचीला बनाता है। हनुमानासन के अभ्यास से हमारी कमर और कूल्हे से संबंधित परेशानियाँ दूर होती है। यह आसन हमारी कूल्हे की मांसपेशियों को खोलता है। इस आसन के अभ्यास से पहले हल्का वार्म अप करना चाहिए।

आज हम सभी किसी ना किसी समस्या से परेशान है। चाहे वह स्त्री हो या फिर पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग हर कोई किसी ना किसी बीमारी से ग्रस्त नजर आता है। इन सबके लिए हमारी असंतुलित दिनचर्या व हमारा खान-पान जिम्मेदार है। इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए योग और मेडिटेशन ही एक मात्र सबसे अच्छा व सस्ता उपाय है। 

हनुमानासन महिलाओं को कई समस्याओं से आराम दिलाता है। महिलाओं की कई समस्याएँ ऐसी होती हैं, जिनका इलाज दवाइयों से नहीं किया जा सकता है। इसलिए इन समस्याओं को योग के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। योग के माध्यम से हम अपने आप के शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत कर सकते है। हनुमानासन के नियमित अभ्यास से हम अपने शरीर की बनावट के आकर्षक बना सकते है और साथ ही अपनी मांसपेशियों को मजबूत कर सकते है।

हनुमानासन के अभ्यास के लिए हमें सबसे पहले किसी खाली जगह पर चटाई व दरी बिछाने की जरूरत होती है। इसके बाद आप अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर नीचे बैठे। अपने दोनों घुटनों को सामने फर्श पर टिका लें। अब आप अपने पैरों को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं और अपने दाएं पैर को आगे की तरफ ले जाएँ। इस अभ्यास के दौरान अपने पैरों को जितना हो सकें उतना फैलाने की कोशिश करें। अपने शरीर का संतुलन बनाएँ रखने के लिए अपनी हथेलियों का सहारा लें। हनुमानासन की स्थिति में आने के बाद अपने हाथों को प्रार्थना की मुद्रा में कम से कम 2-5 मिनट तक रखें। इसके बाद अब धीरे-धीरे अपने दाएँ पैर को पीछे और बाएँ पैरे को आगे की ओर ले जाएँ। इस आसन के दौरान अपने पैरों को उनकी अवस्था से बदलते रहें। हनुमानासन का नियमित रूप से अभ्यास करने से हमारी नाभि के निचले हिस्से की हड्डिया लचीली होती है। यह आसन हमारे पैरों और हाथों को मजबूत बनाता है। इसके अभ्यास से मोटापा कम व हमारी कमर पतली होती है। महिलाओं को इस आसन के नियमित अभ्यास से कई रोगों में आराम मिलता है।

हाँ इस आसन का अभ्यास करना थोड़ा कठिन है। इसलिए इस आसन का अभ्यास शुरू में ध्यान से करें। जितना हो सके उतना ही पैरों के फैलाएँ और आसन को पूरा करने की संपूर्ण कोशिश करें। इसके अभ्यास के लिए किसी योग गुरु या फिर eka Meditation ऐप को डाउनलोड करें।

योग को अपने जीवन में शामिल करने से हमारी नाड़ियों की शुद्धि, आरोग्य की वृद्धि व स्फूर्ति की प्राप्ति होती है। योग में हनुमानासन को स्थिरं सुखं असनम माना गया है यानि चित्त को स्थिर रखने वाला आसन है। आपको बात दें यह आसन महिलाओं के लिए बेहद की लाभदायक होता है। इसलिए महिलाएं इस आसन का अभ्यास जरूर करें। योग के अभ्यास के दौरान अपने मन में धैर्य और शांति रखें। अगर आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे है या मांसपेशियों की समस्या से परेशान है तो आपको इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

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