जानिए इस लॉकडाउन के समय मेडिटेशन का अभ्यास क्यों करें ?

इन दिनों समस्त विश्व कोरोना नाम के वायरस से परेशान है। इस बीमारी से अभी तक 12 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके है और वहीं 70 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। मगर अभी तक इस बीमारी की कोई दवा या टीका नहीं बन पाया है, जिससे इस पर नियंत्रण पाया जा सकें। जिसे गति से यह बीमारी संपूर्ण विश्व में फैल रही है, उसे ध्यान में रखते हुए लगभग सभी देशों में लॉकडाउन की स्थिति बनीं हुई है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आपको मेडिटेशन और योग की सख्त जरूरत है। योग और मेडिटेशन हमारे शरीर को स्वस्थ बनाएं रखने में हमारी मदद करते हैं।

योग, साधना और ध्यान क्रिया हमारी भारतीय संस्कृति की एक पुरातन परम्परा मानी जाती है। ध्यान और योग का उपयोग हमारे ऋषि-मुनि अपने मन-मस्तिष्क को शांत व एकाग्र करने के लिए करते थे। आज हम भाग-दौड़ भरी जिंदगी से मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान रहते है। सही से आराम व सोच नहीं पाते है। जिसके कारण हम गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होने लगें है। इन्हीं गंभीर बीमारियों का एक नमूना कोरोना वायरस के रूप में आज संपूर्ण विश्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस समय पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में योग और ध्यान क्रिया ने एक बार फिर सभी लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। कोरोना नाम के महामारी से लड़ने के लिए हमारी शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति मजबूत होनी चाहिए जो योग व मेडिटेशन के माध्यम से आप अपने आसानी से बढ़ा सकते है। 

इस महामारी से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है- अपने घरों के अंदर रहें और योग, मेडिटेशन के माध्यम से अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाएँ। इतना ही नहीं नियमित योग व मेडिटेशन करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। ध्यान क्रिया के माध्यम से हम अपने मन-मस्तिष्क को शांत रख सकते है। अगर आप चाहते हैं कि आप ध्यान क्रिया के माध्यम से अपने जीवन के उद्देश्य की प्राप्ति करें, तो आज ही eka Meditation ऐप्प को अपने मोबाइल में डाउनलोड कीजिए और नियमित रूप से मेडिटेशन कर ध्यान क्रिया की गहराई में उतरे का प्रयास करें।

ध्यान को अगर सरल शब्दों में बताएँ, तो ध्यान विश्राम की एक अवस्था है। जो आपको वास्तिवकता से सामना करवाता है। ध्यान के माध्यम से हम अपने चंचल मन को शांत कर अपने अंदर की ऊर्जा का एहसास कर सकते हैं। ध्यान क्रिया से हम अपने क्रोध को कम, एकाग्रता को बढ़ा और याद्दाश्त को मजबूत कर सकते है। जिसके लिए हमें नियमित तौर पर मेडिटेशन अभ्यास करने की जरूरत होती है। शुरुआत में हमें मेडिटेशन करने में थोड़ी-सी कठिनाई जरूर होता हैं, मगर नियमित रूप से करने पर कई फायदे मिलते हैं। मेडिटेशन से हमारे शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।

मेडिटेशन अभ्यास के लिए हमें साफ-सुथरे वातावरण की जरूरत होती है। ध्यान क्रिया का अभ्यास आप दिन में कम से कम दो बार और अधिक से अधिक 5-8 बार कर सकते हैं। ध्यान क्रिया को आप बैठकर, लेटकर , खड़े होकर अपने सुविधानुसार कर सकते हैं। ध्यान के दौरान आपके मन में विचारों का सैलाब उठेगा, इन विचारों के सैलाब को रोकने का प्रयास ना करें, बल्कि इन्हें आने दें। अपनी सांसों पर ध्यान लगाने की कोशिश करें। शुरू में अपने विचारों को नियंत्रित करना असंभव होगा, मगर नियमित रूप से अभ्यास करने से हम अपने विचारों को नियंत्रित कर सकते है। इस दौरान आपका मन ध्यान क्रिया से भी भटकेंगा, मगर दोबारा ध्यान लगाने का प्रयास करते रहें। मेडिटेशन का आप जितना अधिक अभ्यास करेंगे, उतना ही आप इसकी गहराई में जाते रहेंगे। आइए आज ही शुरू करते है मेडिटेशन का अभ्यास और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ।   

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