जानिए कैसे योगासन से आप PCOS से छुटकारा पा सकते है ?

PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) यानि पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम एक गंभीर समस्या है। जिसमें महिलाओं का सेक्स हॉर्मोन्स एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ जाता है। जिससे महिलाओं में अण्डाशयी सिस्ट बन जाता है। इससे महिलाओं के मासिक धर्म चक्र, प्रजनन क्षमता और हृदय गंभीर रूप से प्रभावित होता है। 

यह पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम आमतौर पर महिलाओं में होने वाली अंतः स्रावी विकार है, जो लक्षण आजकल लगभग 100 में से 20 महिलाओं में देखा जा रहा है। इस लक्षण के कारण महिलाओं में प्रजनन की क्षमता धीरे-धीरे कम हो रही है। अगर यह समस्या लगातार बढ़ती रही और स्त्री समाज को समय रहते इस समस्या के बारे में जागरूक नहीं किया गया तो जरूर भविष्य में यह समस्या मानव प्रजाति के लिए चिंता का विषय बन सकती है। आपको बता दें- मुख्य रूप से यह समस्या 15 से लेकर 30 वर्ष की महिलाओं में ज्यादा होती है। वहीं जागरूकता ना होने के कारण महिलाएँ कई वर्षों तक इस समस्या से अकेली लड़ती रहती है। वैसे इस परेशानी में महिलाओं का अण्डाशयी सिस्ट बन जाता है। जिससे महिलाओं के शरीर में पर्याप्त हॉर्मोन्स सही से परिपक्व नहीं हो पाते हैं। जिस कारण अंडाशय में अंडाशय में नये अंडे बनना और गर्भधारण की क्रिया नहीं हो पाती है।

इस समस्या के लक्षण शुरुआत में कम से कम या अत्यधिक हो सकते हैं, मगर सबसे आम लक्षण- शरीर का वजन कम होना या वजन तेजी से बढ़ना, मुंहासे, चेहरे व शरीर पर अत्यधिक बालों का होना,  सिर के बाल झड़ना, मासिक धर्म में अनियमितता, प्रजनन क्षमता में समस्या इत्यादि। पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम से पीड़ित महिलाओं में प्रजनन क्षमता की कमी, उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा, मधुमेह, स्तन कैंसर जैसी कई समस्या देखी जाती है। 

जिन महिलाओं में पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम के लक्षण दिखाई देते हैं, उन्हें अपनी दिनचर्या में योगासन को शामिल करने की जरूरत है। आइए जानते है पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम के पीड़ितों को कौन-कौन से आसन करने चाहिए-

1-शवासन का नियमित रूप से अभ्यास करने पर हमारे शरीर को आराम मिलता है। जिससे हमारा मानसिक व शारीरिक स्थिति सही रहती है। शवासन के दौरान अपने हाथ शरीर से दूर रखें। आपकी हथेलियाँ ऊपर की ओर रहेंगी। शरीर को एकदम ढीला रखें। आँखों को बंद रखें, जिससे आप आराम महसूस करेंगे। अपनी सांस को धीमी रखें। इस अवस्था में कम से कम 10 से 15 मिनट तक रहें। पैरों व हाथों की उंगलियों को हिलाते रहें। अपने मन को शांत रखें। 

2- तितली आसन का नियमित रूप से अभ्यास करने से हमारे शरीर को आराम मिलता है। इस अभ्यास के दौरान अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधी रखें। अपने दोनों हाथों से जितना हो सकें उतना अपने पैर को अंदर की ओर मोड़ें। इस दौरान अपने पैर के तलवे आपस में छूने चाहिए। अपने एड़ियों को अपने जननांगों के पास रखने की कोशिश करें। इस आसन में बैठकर अपने पैरों को तितली के पंस की तरह ऊपर-नीचे करें। इस आसन को करने से हमारे शरीर को पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम से राहत मिलती है।

3- भरद्वाजासन का नियमित रूप से अभ्यास करने पर हमारे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। इस आसन के अभ्यास के दौरान अपने पैरों को सामने की ओर सीधे रखें। गहरी व लंबी सांस लें। अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। अपने पैरों को आराम से मोड़े और ध्यान से आसन का अभ्यास करें। आसन से धीरे-धीरे सांसें छोड़े कर बाहर आएँ। यह आसन एक प्रकार से स्पाइनल ट्विस्ट है।

4-  चक्की चलासन का नियमित रूप से अभ्यास करने पर हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। इस आसन के अभ्यास के दौरान अपने हाथ-परों को सामने की ओर करके बैठें। अपने पैरों को वी आकार में फैला दें। गहरी व लंबी सांस लें। गोलाकर अवस्था में अपने शरीर को ऊपर से पहले दायीं से बायीं ओर फिर बायीं से दायीं ओर घुमाएं। इस आसन को करने से हमारा लीवर, गुर्दे, गर्भाशय व प्रजनन अंग स्वस्थ रहते हैं। इसलिए पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम से पीड़ित रोगी को इन आसनों का अभ्यास जरूर करना चाहिए। 

अगर कोई रोगी गर्भवती हो जाती हैं, तो उसे बिना डॉक्टर की सलाह का कुछ नहीं करना चाहिए। इस दौरान आपने आप पर अधिक नजर रखें। पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम का जितनी जल्दी उपचार हो जाएं उतना अच्छा रहता है। इस रोग को दौरान रोगी को अपने खान-पान का भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। जैसे- मीठा और किसी भी प्रकार के मांस का भोजन ना करें। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स युक्त भोजन ना करें। धूम्रपान ना करें। धूम्रपान से यह बीमारी बेहद खतरनाक स्तर पर जा सकती है। मासिक धर्म चक्र का नियमित ध्यान दें। नियमित व्यायाम करें। चिकित्सकों की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रकार के लक्षणों को अनदेखा ना करें। पर्याप्त मात्रा में नींद लें। अपने मन को उदास ना करें। अपनी दिनचर्या में मेडिटेशन शामिल करें- इससे आपको मानसिक व शारीरिक ऊर्जा प्राप्त होगी। 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: