जानिए गलत मेडिटेशन के अभ्यास से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं ?

आइए आज हम आपको बताते हैं मेडिटेशन के गलत अभ्यास करने से हमारे शरीर पर क्या असर पड़ सकता है ? वैसे मेडिटेशन के कई लाभ हैं, मगर अभ्यास के दौरान कुछ कमियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए मेडिटेशन की शुरुआत सही अभ्यास के तरीकों से करना जरूरी है। आइए जानते हैं- मेडिटेशन की शुरूआत करते समय किन-किन बातों पर ध्यान दिया जाएँ और अपनी कमियों को धीरे-धीरे कैसे दूर किया जाएँ ?  

1- संपूर्ण ध्यान योगी बनने का प्रयास ना करें- जब आप मेडिटेशन का अभ्यास करते है, तो अपने मन को शांत रखें और एक सफल ध्यान योगी बनने का प्रयास ना करें। जिससे आप ध्यान की गहराई को महसूस कर पाएँगे। इस दौरान अपने गुस्से पर भी काबू रखें। इससे आपका अपने अंदर विश्वास बढ़ेगा। आज हमारे लिए आराम करना बहुत ही कठिन हो रहा है। इसलिए हमें मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की जरूरत होती है।

2- अपने विचारों का सामना करें- जब हम मेडिटेशन करने लगते हैं, तो हम अपने आप को पहचानने लगते हैं। जब हम ध्यान क्रिया का अभ्यास करते हैं, तो हमें अपने अनगिनत विचारों का सामना करना पड़ता हैं। ध्यान हमारे अंदर के क्रोध, डर और ईर्ष्या को खत्म करता है। ध्यान एक प्रकार से स्वाभाविक व स्वस्थ प्रतिक्रिया है। मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से हम अपने अनगिनत विचारों पर अंकुश लगा सकते हैं।


3- ध्यान क्रिया को चिकित्सा ना समझे- हमें ध्यान क्रिया का नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। हाँ अगर आपको कोई स्वास्थ संबंधित समस्या हो तो उसके लिए आप चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें। मेडिटेशन के किसी भी बीमारी का इलाज नहीं हो सकता है। हाँ नियमित रूप से मेडिटेशन करने से आप बहुत ही कम बीमार पड़ेंगे। इसलिए ध्यान क्रिया को चिकित्सा ना समझें नहीं तो बहुत हानि हो सकती है।

4–  सबसे पहले मेडिटेशन के  लिए सही और आसान तरीका खोजें- हमें मेडिटेशन के अभ्यास से पहले ध्यान के बारे में सही जानकारी लेनी चाहिए। विशेषज्ञों की सही जानकारी के अनुसार ही हमें सही तरीके से मेडिटेशन के अभ्यास की शुरूआत करनी चाहिए। मेडिटेशन करने के कई तरीके और दृष्टिकोण हैं। आपको बस एक तरीका खोजना है जो आपके लिए सही हो।

5- सामान्य जीवन से दूर होना का प्रयास ना करें- मेडिटेशन के कई प्रकार व गुण हैं। जिसमें सामान्य जीवन से दूर यानि मोह और माया को त्यागने का भी एक विशेष गुण हैं। अगर आप सामान्य व पारिवारिक जीवन जीते हैं, तो मेडिटेशन का यह प्रकार व गुण आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए आप अपनी सुविधा व इच्छा अनुसार मेडिटेशन के प्रकार के अभ्यास करें। हाँ मोह और माया से दूर होने का मतलब यह नहीं हैं कि आप सांसारिक जीवन से दूर हो जाएँ या किसी भी चीज को नज़रअंदाज़ करें।

मेडिटेशन के अभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए किसी ध्यान गुरु व विशेषज्ञ की सहायता जरूर लें या फिर आज ही अपने मोबाइल में eka Meditation ऐप्प को डाउनलोड करें। आपको eka Meditation ऐप्प पर ध्यान योग व योग निंद्रा के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी। जिससे आप मेडिटेशन को धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते है। हमारा मानना हैं- आज के आधुनिक युग में स्वस्थ रहने के लिए हमें योग व मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बेहद ही जरूरी है। 

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