क्या आप अधोमुख श्वानासन के फायदे जानते है ?

हमारे योगाशास्त्रों में योगासनों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि योगासन की संख्या इस संसार में मौजूद जीवों की संख्या के बराबर है। योग का एक अहम आसन अधोमुख श्वानासन है। इस आसन को अष्टांग योग में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है और यह आसन सूर्य नमस्कार का 7 वां आसन है। योग की खुबसूरती इसके आसनों पर टिकी हुई है। योग के सभी आसन हमें प्राकृतिक रूप से प्रभावित करते है। योग के इस आसन को इंसानों ने श्वान यानि कुत्ते से सीखा है। शरीर की थकान मिटाने के लिए यह आसन सबसे सर्वश्रेष्ठ आसन है। 

अधोमुख श्वानासन का अर्थ होता है- नीचे की ओर मुंह करके कुत्ते की तरह आसन में बैठना। अधोमुख श्वानासन तीन शब्दों से मिलकर बना है। पहला शब्द अधोमुख है। जिसका अर्थ- नीचे की ओर मुंह करना। दूसरा शब्द श्वान है। जिसका अर्थ- कुत्ता होता है। तीसरा शब्द आसन है। जिसका अर्थ- एक अवस्था में बैठना है। इस आसन को अंग्रेजी में डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज कहते है।

अधोमुख श्वानासन का नियमित अभ्यास करने पर हमारी पेट की निचली मांसपेशियाँ व रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इस आसन में हमारे सिर की ओर नए रक्त की आपूर्ति होती है। जिससे हमारी रक्त संचार बेहतर होता है। जब हम इसका अभ्यास करते है, तो हमारा सिर हमारे हृदय से नीचे की ओर रहता है और हमारे नितम्ब ऊपर की ओर उठे होते है। इसके नियमित अभ्यास से हमारे शरीर के भीतरी अंग जैसे लीवर, किडनी, तिल्ली को आराम मिलता है। हमारी पाचन तंत्रिका भी सुधार व मजबूती आती है। यह आसन हमें एंग्जाइटी से लड़ने में मदद करता है। अधोमुख श्वानासन के दौरान हमारे शरीर का वजन पूरी तरह से हमारे हाथों और पैरों में होता है। इससे हमारे शरीर का वजन संतुलित रहता है। अगर आप नियमित रूप से योग करते है, तो आप मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते है।

अधोमुख श्वानासन का सही तरीका व विधि-

अधोमुख श्वानासन में आप वैसे ही दिखते हैं, जब कुत्ता आगे की तरफ झुकता है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने के कई फायदे हैं। यह आसन बेहद की आसान व आरामदायक है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप किसी मैट या दरी पर पेट के बल लेट जाएँ। इसके बाद सांस लेते हुए अपने शरीर को हाथों व पैरों के बल उठाएँ। अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने नितंबों को ऊपर उठाएँ। इस दौरान अपने कुहनियों व घुटनों को सख्त बनाएँ। अब अपने शरीर को अंग्रेजी अक्षर V के आकार में लाएँ। इस दौरान अपने नितंब, कंधे व हाथों को सीधे रखें। अब धीरे-धीरे अपने हाथों को नीचे जमीन पर दबाते हुए अपनी गर्दन को लंबा खींचने का प्रयास करें। अपनी नजर अपनी नाभि पर केंद्रित करें। इस स्थिति में थोड़ी देर तक रूकें और उसके बाद अपने घुटनों को जमीन पर टिका दें और फिर अपनी पहली स्थिति में वापस आ जाएँ। इस प्रकार आपका अधोमुख श्वानासन पूरा हुआ। हाँ इस आसन का अभ्यास हो सकें तो सुबह के वक्त ही करें या फिर भोजन के कम से कम 4-6 घंटे बाद करें। आसन से पहले शौच कर लें या अपना पेट खाली हो। आसन का अभ्यास करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ या परीक्षक से सलाह ले लें। अगर आप किसी बीमारी से ग्रस्त है, तो बिना चिकित्सक की सलाह से यह आसन का अभ्यास ना करें। 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: