जानिए हनुमानासन अभ्यास का हमें क्या-क्या फायदे होते हैं ?

हनुमानासन एक मध्यम श्रेणी का योग आसन है। इस आसन में हम अपने शरीर को एक वानर की तरह मोड़ने का प्रयास करते हैं। इसलिए इस आसन को हनुमानासन यानि Monkey Pose कहा जाता है। यह आसन हमारे कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत और हमारे जांघों व पैरो को लचीला बनाता है। हनुमानासन के अभ्यासContinue reading “जानिए हनुमानासन अभ्यास का हमें क्या-क्या फायदे होते हैं ?”

आइए जानते है- सुपर ब्रेन योग से कैसे अपने मस्तिष्क के निष्क्रिय भाग को विकसित करते है ?

आज हर मानव मानसिक व शारीरिक समस्याओं से जूझ रहा है। जिसके कारण वह गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होता जा रहा हैं। अगर ऐसे ही चलता रहा तो मानव समाज के लिए आने वाला भविष्य बेहतर ही खतरनाक साबित हो सकता है। हमारी दिनचर्या में हमारे मस्तिष्क की अहम भूमिका होती है। हमारा मस्तिष्क हमारेContinue reading “आइए जानते है- सुपर ब्रेन योग से कैसे अपने मस्तिष्क के निष्क्रिय भाग को विकसित करते है ?”

जानिए क्रोध क्या है ?

क्रोध हमारी एक भावना है। जिससे हमारी हृदय की गति व हमारा रक्त चाप बढ़ता है। क्रोध हमारे भय से उपजता है। हमारा भय हमारे व्यवहार में स्पष्ट रूप से व्यक्त होता है। हमारा क्रोध हमारी कायरता की निशानी है। हर व्यक्ति के अंदर परिस्थितियों को झेलने का साहस और धैर्य नहीं होता है। हमContinue reading “जानिए क्रोध क्या है ?”

क्या आप मेडिटेशन के लाभ जानते हैं ?

क्या आप जानते हैं ? मेडिटेशन के अभ्यास का हमें क्या-क्या फायदे मिलते हैं। अगर आप नहीं जानते हैं कि मेडिटेशन का हमें क्या-क्या लाभ मिलता है तो हमारे इस लेख को पूरा पढ़िए और समझिए हमें ध्यान योग का क्या फायदे मिलते हैं ? आज सबसे ज्यादा लोग तनाव से ग्रस्त हैं। तनाव कोContinue reading “क्या आप मेडिटेशन के लाभ जानते हैं ?”

आप भी जानिए बालासन क्या है और इसका अभ्यास कैसे करें ?

बालासन यानि शिशु आसन है। इस आसन में हम अपने शरीर को एक शिशु की भांति वज्र आसन में ले जाकर अपने हाथों व शरीर को आगे की ओर झुकाते है। इस आसन का अभ्यास करना बेहद ही आसान है। इसके हमारे शरीर को कई लाभ हैं। यह आसन हमारी कमर की मांसपेशियों को आरामContinue reading “आप भी जानिए बालासन क्या है और इसका अभ्यास कैसे करें ?”

जरा आप भी जानिए भक्ति योग क्या है ?

भक्ति योग यानि निष्काम के भाव से आत्मसमर्पण करना है। भक्ति और योग शब्द संस्कृत भाषा के शब्द हैं। भक्ति का अर्थ है- दिव्य प्रेम, आत्मा से प्रेम और योग का अर्थ है- जुड़ना यानि भक्ति योग का अर्थ है- अपनी आत्मा से प्रेम कर उससे जुड़ना है। भक्ति का मतलब यह नहीं है किContinue reading “जरा आप भी जानिए भक्ति योग क्या है ?”

आइए ज्ञानयोग के बारे में जानते है।

ज्ञान योग यानि स्वयं के बारे में जानकारी प्राप्त करना ही ज्ञान योग है। इसे आप अपने परिवेश के अनुभव से समझ सकते है। ज्ञानयोग के माध्यम से हम वास्तविक सत्य को जान पाते है। ज्ञान योग मायावाद के असल तत्व को जानकर हमें अपनी वास्तविकता और वेदांत को जानने का मौका देती है। ज्ञानयोगContinue reading “आइए ज्ञानयोग के बारे में जानते है।”

क्या आप अष्टांग योग के बारे में जानते है ?

जिस प्रकार गणित में योग शब्द का प्रयोग जोड़ने के लिए किया जाता है, ठीक उसी प्रकार आध्यात्मिक पृष्ठ भूमि में योग शब्द का अर्थ आत्मा का परमात्मा से जोड़ना है। योग यानि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की क्रिया को आठ भागों में बांटा गया है। यही क्रिया अष्टांग योग कहलाती है। हमारी आत्माContinue reading “क्या आप अष्टांग योग के बारे में जानते है ?”

जानिए ध्यान का अर्थ और महत्व क्या है ?

जब कोई व्यक्ति अपने मन-मस्तिष्क की शांति के लिए अपने मन को स्थिर कर भटकने से रोकता है, तो उसे ध्यान कहते है। ध्यान मोक्ष से पूर्व की अवस्था मानी जाती है। ध्यान क्रिया अष्टांग योग का सातवां अंग है। ध्यान के माध्यम से हम आत्मसाक्षात्कार होते है। अगर सीधे शब्दों में बोलें तो ध्यानContinue reading “जानिए ध्यान का अर्थ और महत्व क्या है ?”

आइए आप भी जानिए हठयोग क्या है ?

हठयोग का अर्थ है- किसी व्यक्ति द्वारा जिदपूर्वक या हठपूर्वक किया जाने वाला योग अभ्यास हठयोग कहलाता है। हठयोग शब्द ह और ठ से मिलकर बना है। ह का अर्थ- हकार यानि सूर्य नाड़ी, ठ का अर्थ- ठकार यानि चंद्र नाड़ी होता है। हठयोग के हकार और ठकार शब्द को संस्कृत शब्दार्थ कौस्तुभ ने भीContinue reading “आइए आप भी जानिए हठयोग क्या है ?”